सर्दियों में ये शहर
एक ही रात पहने
कई दिन गुज़ार देता है
रात भी अब
रंग छोड़ने लगी है
शहर काला पड़ता
जा रहा है
कभी कभार धूप के कुछ
छीटें मार लेता है
तो यह कालिख थोड़ी
धुल जाया करती है
चेहरे पर कुछ चमक
आ जाया करती है
सर्दियों में ये शहर
एक ही रात पहने
कई दिन गुज़ार देता है

1 comments:
wow.. sirhan si hui jaisey sardi ki... wow..
-msr
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