Wednesday, February 20, 2013

sankranti @ old city

images from an evening at the old city
पतंगें 

पुराने शहर का 
पतंगों से कुछ 
ख़ास ही वास्ता है 
जो इतनी सारी 
उमड़ पड़ती हैं 
हर साल इसी दिन 
इन्हीं ऊँची ऊँची 
छतों पर

और शहर ,
मखमली सी शाम ओढ़े
ईरानी चाय की चुस्की लेता
ओस्मानिया के बिस्कुट चबाता
5 नंबर का मोटा पुराना
मार्टिंस का चश्मा लगाये
बड़े गौर से
ताक रहा है
इन अनगिनत पतंगों को

लाल पीली नीली
बेजार चमकीली
छोटी बड़ी
कितनी पतंगें
पतंगों को काटती पतंगें
दुलारती पतंगें
और किसी किसी छोर पर
लालटेन ले जाती पतंगें
सक्रांति की अंधियारी
रात में शायद
रस्ता भूल चुके पंछियों को
राह दिखा रही हैं

इन्हीं अल्हड मस्त
पतंगों के बीच
ज़ारीन सी अदब वाला
हिलाल का वो चाँद
जो सबसे ऊपर उड़ रहा है
कभी नीचे क्यों नहीं आता !

काश ये चाँद भी
पतंग होता जानू
तो एक दूर का मंजा डालकर
इसे यहीं उतार लेता
इसी छत पर
..तुम्हारे लिए

Glossary : ज़ारीन = golden colored, अदब = well mannered, हिलाल = crescent shaped


--a rooftop @ old city, Hyderabad. Jan 13, 2013

No comments: